कोलंबो टेस्ट: फॉलोऑन का सस्पेंस और जुरेल के शतक की कहानी
August 26, 2026 · by · 1 min read · 2 views
कोलंबो के मैदान पर भारत और श्रीलंका के बीच खेला जा रहा दूसरा टेस्ट मैच अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। तीसरे दिन का खेल बारिश के कारण जल्दी समाप्त होने के बाद चौथे दिन सबकी निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि क्या मेहमान टीम श्रीलंका को फॉलोऑन का सामना करना पड़ेगा या मेजबान टीम किसी तरह इस शर्मिंदगी से बच निकलेगी।
मैच की स्थिति साफ बताती है कि भारत का पलड़ा भारी है। तीसरे दिन के खेल के बाद श्रीलंका अभी भी भारत के 503/9 के स्कोर से 238 रन पीछे थी और उसके पास सिर्फ दो विकेट बचे थे, जबकि सोनल दिनुशा 85 रन बनाकर नाबाद थे। उनके साथ क्रीज पर मौजूद लाहिरू कुमारा ने भी 50 गेंदों तक टिककर आठ रन बनाए थे।
दिनुशा की यह पारी श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रही। यह सीरीज में उनका तीसरा अर्धशतक था, और वे उन गिने-चुने पांच बल्लेबाजों में शामिल थे जिन्होंने पारी में कम से कम 50 गेंदों का सामना किया, जिनमें से दो तो टेलएंडर बल्लेबाज थे। गेंदबाजी में भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने ज्यादातर नुकसान पहुंचाया, दोनों ने तीन-तीन विकेट झटके।
श्रीलंका के ज्यादातर बल्लेबाज इस मैच में संघर्ष करते नजर आए। कामिंदु मेंडिस अच्छा खेल रहे थे लेकिन एक पुल शॉट सीधे मिडविकेट पर खेल बैठे, पसिंदु सूर्यबंदरा जडेजा की एक धीमी गेंद पर बोल्ड हो गए, जबकि निरोशन डिकवेला जुरेल के हाथों तीन गेंदों में ही आउट हो गए। हालांकि बीच में कुछ ऐसे लम्हे भी आए जब पिच उतनी खराब नहीं दिखी जितनी उम्मीद थी, खासतौर पर जब सूर्यबंदरा क्रीज पर मौजूद थे और उनकी कामिंदु के साथ चौथे विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी पारी की सबसे अच्छी साझेदारी साबित हुई।
अब बड़ा सवाल यही है—क्या टीम इंडिया फॉलोऑन का दांव खेलेगी? इतिहास गवाह है कि भारतीय टीम प्रबंधन आमतौर पर इस रणनीति को अपनाने से बचता रहा है, क्योंकि 2001 के ईडन गार्डन्स टेस्ट की यादें आज भी कोच और कप्तानों के जेहन में ताजा रहती हैं, जब फॉलोऑन के बावजूद प्रतिद्वंद्वी टीम ने वापसी करके मैच पलट दिया था। ऐसे में शुभमन गिल एंड कंपनी सोच-समझकर ही कोई फैसला लेगी।
इस मैच की एक और बड़ी कहानी रही ध्रुव जुरेल की शानदार पारी। दूसरे दिन जुरेल ने श्रीलंकाई सरजमीं पर अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा। वे 115 रन बनाकर नाबाद रहे, जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल थे, जब भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 पर घोषित कर दी। शतक पूरा करने के बाद जुरेल ने जो सेलिब्रेशन किया, उसने सबका दिल जीत लिया। उन्होंने बल्ला उठाने की बजाय सैल्यूट करते हुए अपनी बांह पर बना टैटू दिखाया, जिस पर लिखा था ‘जय जवान, जय किसान’।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जुरेल ने इस टैटू के पीछे की भावुक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि यह उनकी जड़ों को श्रद्धांजलि है—उनके पिता एक सैनिक हैं और दादा किसान रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि श्रीलंका में इंडिया-ए के लिए खेले गए दो प्रथम श्रेणी मैचों के अनुभव ने उन्हें इस पारी में काफी मदद की।
कुल मिलाकर, कोलंबो टेस्ट अब उस पड़ाव पर है जहां हर सेशन अहम होता जा रहा है। भारतीय गेंदबाजों के पास मौका है कि वे जल्द ही श्रीलंकाई पारी समेटकर टीम प्रबंधन को फॉलोऑन का फैसला लेने पर मजबूर करें, जबकि दिनुशा जैसे बल्लेबाज अभी भी अकेले दम पर टीम को इस मुसीबत से निकालने की कोशिश में जुटे हैं। चौथे दिन का खेल यह तय कर सकता है कि यह मुकाबला किस दिशा में जाएगा।
Contributor at AskQustion.




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