कंगना रनौत का बड़ा बयान: ‘मैं BJP की कठपुतली नहीं हूं’
August 28, 2026 · by · 1 min read · 1 views
बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज़ को लेकर सुर्खियों में हैं। एक हालिया साक्षात्कार में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे पार्टी की ‘कठपुतली’ नहीं हैं और उनकी अपनी स्वतंत्र सोच व पहचान है। कंगना राणावतने भाजपबाबत धक्कादायक विधान केले असून तिने म्हटले, “मी भाजपची कठपुतळी नाही,” आणि भविष्यात लोकसभेचे तिकीट मिळाले नाही तरी फरक पडणार नाही असे स्पष्ट केले. उनका कहना है कि राजनीति में आने से पहले भी उनकी एक अलग पहचान थी और वह उसी पहचान के दम पर आज भी खड़ी हैं।
इस बयान की पृष्ठभूमि में सवाल यह था कि क्या आने वाले चुनाव में पार्टी उनका टिकट काट सकती है और अगर ऐसा हुआ तो क्या उन्हें डर लगता है। इस पर कंगना ने बेझिझक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि टिकट को लेकर अनिश्चितता के सवाल पर उनका जवाब था, “डर तो नहीं कह सकते उसको, क्योंकि ये ठीक है कि मेरा विषय काफी हो गया है.” उनका आशय यह था कि राजनीति से इतर भी उनके पास अपने काम की एक लंबी और सशक्त विरासत है, जिस पर वे टिक सकती हैं।
गौरतलब है कि कंगना रनौत ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और उन्हें हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से मैदान में उतारा गया था। बीजेपी ने उन्हें अपनी पांचवीं और अंतिम सूची में मंडी से उम्मीदवार घोषित किया था, जबकि वरिष्ठ नेता डॉ. राजीव भारद्वाज को कांगड़ा सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामित किया गया था। टिकट मिलने के बाद कंगना ने पार्टी के प्रति आभार जताते हुए खुद को एक “worthy karyakarta” बताया था और हाईकमान के फैसले का सम्मान करने की बात कही थी।
हालांकि, सांसद बनने के बाद से कंगना कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरी हैं और पार्टी को उनसे किनारा भी करना पड़ा है। किसान आंदोलन को लेकर दिए गए उनके एक बयान पर पार्टी ने सार्वजनिक रूप से असहमति जताई थी। भाजपा ने अपनी सांसद कंगना रनौत की किसान आंदोलन पर की गई टिप्पणियों से दूरी बना ली थी और कहा था कि वे नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं हैं, साथ ही भविष्य में ऐसी टिप्पणियों से बचने को कहा गया। इस विवाद के कुछ दिनों बाद कंगना ने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात भी की थी, जहां उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी गई। बीजेपी सूत्रों के अनुसार, नड्डा ने बैठक में कंगना को बिना पार्टी को मुश्किल में डाले सावधान रहने के लिए कहा, क्योंकि उनकी टिप्पणियों ने पहले भी ध्यान खींचा था और उनकी हालिया फिल्म ने भी विवाद खड़ा किया था।
इसी पृष्ठभूमि में कंगना का ताज़ा बयान यह दिखाता है कि वे भले ही भाजपा की सांसद हों, लेकिन अपनी वैचारिक स्वतंत्रता को लेकर किसी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं हैं। उनका यह रुख एक ओर उनकी छवि को एक निडर और स्वतंत्र आवाज़ के रूप में मज़बूत करता है, तो दूसरी ओर पार्टी अनुशासन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच के तनाव को भी उजागर करता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस तरह के बयानों पर किस तरह प्रतिक्रिया देती है और क्या यह टकराव आगे चलकर और गहराता है या फिर सुलझ जाता है। फिलहाल के लिए, कंगना रनौत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि राजनीति में रहते हुए भी वे अपनी शर्तों पर बोलना पसंद करती हैं।
Contributor at AskQustion.




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